
अर्जुन इंस्टिट्यूट लौट आने के बाद भी मन ही मन उसी उधेड़बुन में उलझा हुआ था। बार-बार वही सवाल उसे घेर रहा था—
क्या आलोक सर प्रियंका को बात समझा पाए होंगे, या फिर कहीं कुछ उल्टा ही न हो गया हो?


अर्जुन इंस्टिट्यूट लौट आने के बाद भी मन ही मन उसी उधेड़बुन में उलझा हुआ था। बार-बार वही सवाल उसे घेर रहा था—
क्या आलोक सर प्रियंका को बात समझा पाए होंगे, या फिर कहीं कुछ उल्टा ही न हो गया हो?

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